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नये विधायक पोरी पर भारी पुराने विधायक कोली

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राकेश रमण शुक्ला

पौड़ी जिले में भाजपा जिलाध्यक्ष पद पर सुषमा रावत की ताजपोशी को पौड़ी विधानसभा सीट से पूर्व विधायक मुकेश कोली की जीत की रूप में देखा जा रहा है। इस पद पर सुषमा रावत की नियुक्ति को रोकने के लिए वर्तमान विधायक राजकुमार पोरी ने लिखित रूप से संगठन के सामने अपना विरोध जताया था, बावजूद उसके उनकी ताजपोशी ने पूर्व विधायक मुकेश कोली की संगठन के भीतर पकड़ को साबित कर दिया है।

भारतीय जनता पार्टी के सांगठनिक जिले पौड़ी में जिलाध्यक्ष पद पर सुषमा रावत की दावेदारी को पहले से ही मजबूत माना जा रहा था। यूं तो पैनल में जिलाध्यक्ष पद के दावेदारों में चार महिला नेताओं का नाम शामिल था, लेकिन समीकरणों के हिसाब से सुषमा रावत का नाम सबसे आगे लिया जा रहा था। यही कारण था कि वर्तमान विधायक राजकुमार पोरी को सुषमा रावत की दावेदारी का लिखित रूप से विरोध करना पड़ गया था।

13 अक्टूबर को विधायक ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पत्र लिखकर जिलाध्यक्ष पद पर सुषमा रावत की ताजपोशी को लेकर अपना सख्त विरोध जताया था। दरअसल सुषमा रावत पूर्व विधायक मुकेश कोली की काफी नजदीक रहीं हैं। इस वर्ष सम्पन्न हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी संगठन ने पौड़ी विधानसभा सीट से विधायक रहे मुकेश कोली का टिकट का काट राजकुमार पोरी को टिकट थमा दिया था। वर्तमान विधायक पोरी का आरोप है कि विधानसभा चुनावों में सुषमा रावत ने उनके लिए प्रचार नहीं किया, जिससे संगठन को नुकसान पहुंचा। जबकि सुषमा रावत का तर्क था कि बीमारी के चलते वे इपने इलाज के लिए बाहर थीं, इस कारण चुनाव में भाग नहीं ले पाई।

विधायक राजकुमार पोरी के सख्त एतराज के बाद भी पार्टी संगठन ने जिलाध्यक्ष पद की कमान सुषमा रावत को सौंप दी है। सुषमा रावत पूर्व विधायक मुकेश कोली के साथ ही पूर्व सीएम बीसी खण्डूड़ी व सांसद तीरथ सिंह रावत के भी काफी नजदीकी रहीं हैं। त्रिवेन्द्र सरकार में उन्हें दायित्व से भी नवाजा गया था। पूर्व विधायक मुकेश कोली को भले ही विधानसभा चुनावों में टिकट न मिल पाया हो, लेकिन भाजपा संगठन के भीतर वे लगातार अपनी पकड़ मजबूत करने में लगे हैं। सुषमा रावत की ताजपोशी को मुकेश कोली की जीत की रूप में भी देखा जा रहा है।

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